
Karnataka कर्नाटक: पूरेडलई क्षेत्र में आम उत्पादक किसानों ने आधुनिक और सुरक्षित खेती की दिशा में कदम बढ़ाया है। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए किसान अब आम के फलों को सुरक्षित रखने और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नई तकनीक अपना रहे हैं।
किसान अब पेड़ों पर लगे आमों को विशेष मैंगो बैग में पैक कर रहे हैं। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य कीटनाशकों के उपयोग को कम करना और फलों को कीटों तथा बाहरी नुकसान से सुरक्षित रखना है। किसानों का मानना है कि इससे न केवल उत्पादन सुरक्षित होता है, बल्कि बाजार में मिलने वाले फलों की गुणवत्ता भी बेहतर हो जाती है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, मैंगो बैग तकनीक अपनाने के बाद आमों पर दाग-धब्बे और कीटों का असर काफी कम हो गया है। इसके साथ ही फलों का आकार और रंग भी अधिक आकर्षक हो रहा है, जिससे बाजार में उनकी मांग बढ़ रही है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक पर्यावरण के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि इससे रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है। इससे मिट्टी और पानी पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को भी कम किया जा सकता है।
पूरेडलई क्षेत्र के कई किसानों ने इस तकनीक को अपनाना शुरू कर दिया है और शुरुआती परिणाम सकारात्मक बताए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि हालांकि शुरुआत में इसमें थोड़ी अतिरिक्त मेहनत और लागत लगती है, लेकिन बेहतर दाम मिलने के कारण यह लाभकारी साबित हो रही है।
बागवानी विभाग के अधिकारियों ने भी इस पहल को सराहा है और अन्य किसानों को भी इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि इससे न केवल फसल की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी।
स्थानीय स्तर पर यह बदलाव आधुनिक कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की खेती की तस्वीर बदल सकता है।





